दरारों वाली दीवार और गंदे शौचालय पर छात्रों का गुस्सा
स्कूल के भीतर की तस्वीर बाहर तक आ गई: दरारों वाली दीवारें, अस्वच्छ शौचालय, पीने के पानी की कमी, और छात्रावास के खाने पर भी सवाल। जयपुर के इस स्कूल में वाणी-बाधित छात्रों ने जिस तरह आवाज़ उठाई, उसने एक सीधी बात याद दिला दी — बुनियादी सुविधा कोई विलासिता नहीं होती। सुनवाई के दौरान जो शिकायतें सामने आईं, उनमें भवन का कुछ हिस्सा जर्जर बताया गया। बच्चों का इशारा साफ था: पढ़ाई तभी चलेगी जब सफाई, पानी और सुरक्षा ठीक हो। सुनवाई के बाद प्रधानाचार्य का निलंबन हुआ, लेकिन स्कूल की असली मरम्मत अभी बाकी है। घणी देर से अनदेखी हुई छोटी दिक्कत कभी-कभी बड़ी कहानी बन जाती है।
