साइबर धोखाधड़ी पर सख्त कार्रवाई: व्यवस्था की कसौटी
जयपुर में साइबर धोखाधड़ी का दबाव रोज़ बढ़ रहा है, और इसी कारण पुलिस मुख्यालय में 1930 साइबर हेल्पलाइन तथा राजस्थान साइबर अपराध नियंत्रण केंद्र, यानी R4C, के कामकाज की समीक्षा हुई। यह वही जगह है जहाँ शिकायत से लेकर निगरानी तक का पूरा क्रम देखा जाता है। मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया को और कड़ा करने को कहा, क्योंकि ऑनलाइन ठगी अब फ़ोन कॉल, लिंक और OTP के बहाने सीधे घर तक पहुँच रही है। माहौल सीधा है: लोग सतर्क हैं, पर व्यवस्था को और तेज़ी चाहिए। 1930 हेल्पलाइन का लाभ तभी दिखेगा जब कॉल के बाद कार्रवाई जल्दी चले। जयपुर से लेकर ज़िला स्तर तक समन्वय मज़बूत होगा, तभी साइबर धोखाधड़ी करने वालों के लिए जगह कम होगी। सच्ची बात यह है, डिजिटल दुनिया में देर का मतलब नुकसान होता है। इसी लिए ध्यान अब सिर्फ़ शिकायत पर नहीं, उत्तर समय पर भी है।
