दौसा एक्सप्रेसवे के बाद सड़क सुरक्षा पर सख्ती
दौसा एक्सप्रेसवे पर हुआ हादसा सिर्फ एक जगह का मामला नहीं रहा, बल्कि पूरे राजस्थान की सड़क-सुरक्षा सोच को हिला गया। सरकारी कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि हाईवे हो या शहरी सड़क, नियमों का मतलब सिर्फ बोर्ड लगाना नहीं होता। तेज़ रफ़्तार, लेन अनुशासन, ब्लैक स्पॉट और आपात प्रतिक्रिया को एक साथ देखने की बात हुई। जयपुर से लेकर ज़िला सड़कों तक, रोज़ की यात्रा वाली आदत ही सबसे बड़ी चुनौती बन रही है। बैठक का इशारा साफ था: पहले चेतावनी व्यवस्था, फिर निगरानी, और उसके बाद ज़मीन पर कार्रवाई। एक अधिकारी की ओर से आई साफ बात थी कि सिर्फ हादसे के बाद याद आना काफ़ी नहीं। अगर सड़क पर सुधार सच में चाहिए, तो संकेत, गश्त, निशान और चालक जागरूकता सबको एक ही लाइन में चलना पड़ेगा। इसी में सुरक्षा की असली परीक्षा है।
