दिल्ली की गैलरियों में जुलाई का कला-मेला
दिल्ली में जुलाई का कला-परिदृश्य ऐसे खुल रहा है जैसे बरसात के बाद छत पर धूप निकल आई हो। प्रमुख गैलरियों में समकालीन कला से लेकर विरासत, मूर्तिकला, वस्त्र और immersive storytelling तक अलग-अलग प्रदर्शनियाँ लग रही हैं। यहाँ सिर्फ देखने का नहीं, महसूस करने का मजा है — कहीं कपड़े अपनी कहानी बोलते हैं, कहीं आकार और छाया मिलकर नया दृश्य रच देते हैं। ऐसे शो का आकर्षण यही है कि कला को औपचारिक हॉल से निकालकर रोज़मर्रा की नज़र के पास ले आते हैं। दिल्ली जैसे शहर में, जहाँ हर कोने में कोई न कोई रचनात्मक मूड मिल जाता है, जुलाई की यह सूची वीकेंड प्लान को सीधे गैलरी-वॉक बना देती है। और सच्ची, कभी-कभी एक छोटी-सी स्थापना ही पूरे दिन का सबसे यादगार हिस्सा बन जाती है। पधारो, देख लो — कला का मूड इस बार काफ़ी घणो है।
