दो जनानी मृत्यु से राजस्थान की सेहत पर सवाल
जोधपुर में सोमवार को प्रसव के बाद दो महिलाओं की मौत ने राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था पर नया सवाल खड़ा कर दिया। यह वही जगह है जहाँ मां और बच्चे की देखभाल सबसे नाजुक पल होती है, और जरा सी देरी भी भारी पड़ सकती है। राज्य में मातृ स्वास्थ्य को सुधारने के लिए बड़े पैमाने पर मुहिम चली थी, फिर भी ऐसी घटना का सामने आना दिखाता है कि कागज़ और ज़मीन के बीच अभी लंबी दूरी है। लोगों की सीधी सी बात भी यही थी — प्रसव के बाद निगरानी सिर्फ नाम की न रहे। इस मामले ने याद दिला दिया कि अस्पताल की सफाई, समय पर जाँच और कर्मचारियों की तैयारी कोई औपचारिक चीज़ नहीं, बल्कि मां की सांस से जुड़ी ज़िम्मेदारी है। घणी सख्त बात है, पर सच्ची बात भी यही है: व्यवस्था को हर वार्ड में उतना ही मजबूत होना पड़ेगा जितना उसके दावे बड़े हैं।
