ड्रोन से बीज, फिर हरियाली की नई चाल
राजस्थान में वृक्षारोपण को नया साधन मिल गया है। ड्रोन से बीज उन जगहों तक पहुँचाए जा रहे हैं जहाँ सीधे पहुँचना मुश्किल होता है। सरकार का ध्यान सिर्फ पौधरोपण पर नहीं, उसे जन-आंदोलन बनाने पर भी है, ताकि लोग इसे एक बार की मुहिम नहीं, बल्कि लगातार चलने वाली आदत समझें। इस कदम का मतलब सीधा है: कम समय में अधिक क्षेत्र कवर करना, और ऐसे इलाकों में भी कोशिश करना जहाँ मिट्टी और मौसम थोड़ा सख्त हो। जलवायु परिवर्तन के दौर में यह बात भी अहम हो जाती है कि हर पेड़ का सफर नर्सरी से ज़मीन तक एक जैसा नहीं होता। ड्रोन से बीज बोना उसी दूरी को कम करने की कोशिश है। जयपुर और पूरे राजस्थान के लिए यह एक ऐसा संकेत है जो तकनीक और हरियाली को एक साथ जोड़ता है। अब देखना यह है कि बीज से निकला यह विचार कितनी घनी छाया देता है।
