एजुकेशन से ही बनता है बड़ा भारत
जयपुर में एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के एजुकेशन समिट में राजस्थान गवर्नर ने एजुकेशन को नेशन-बिल्डिंग की जड़ बताया। उनका पॉइंट सिंपल था: जब तक बच्चों की सोच, समझ और काम करने की आदत स्ट्रॉन्ग नहीं होगी, तब तक देश सिर्फ नंबर में बड़ा दिखेगा, क्वालिटी में नहीं। यह बात सुनके हॉल में कई लोगों ने धीरे से सिर हिला दिया, क्योंकि बात सीधी थी और ज़मीनी भी。 असल टर्न यहीं आता है — एजुकेशन को सिर्फ मार्क्स तक सीमित नहीं रखा जा सकता। स्कूल, कॉलेज और स्किल ट्रेनिंग तीनों का जोड़ होना चाहिए, तभी नौजवान कल की इकोनॉमी में फिट बैठते हैं। जयपुर जैसे शहर में, जहाँ कोचिंग, कॉलेज और स्टार्टअप्स सब एक ही हवा में सांस लेते हैं, यह डिस्कशन और भी रिलिवेंट लगता है。 उनकी बात का सार यह था: पढ़ाई का मतलब सिर्फ किताब नहीं, सोच का विकास भी है। और सच्ची बात, बिना स्किल और डिसिप्लिन के लीडिंग नेशन का सपना अधूरा ही रहेगा।
