आपातकाल की याद पर पेंशन में बड़ी छलांग
आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर राजस्थान में एक पुरानी याद को नया मान मिला। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानी पेंशन में पाँच गुना बढ़ोतरी की घोषणा की, और इससे उन लोगों की तरफ़ नज़र गई जिन्होंने उस दौर में तनाव, रोक-टोक और दबाव को झेला था। जयपुर से लेकर दूसरे शहरों तक, इस घोषणा को लोग सिर्फ़ पैसों का मामला नहीं, बल्कि सम्मान से जोड़ कर देख रहे हैं। यह फैसला एक तरह से उस पीढ़ी को सलाम है जो लोकतंत्र की बात को बचाए रखती रही। घर के बड़े अक्सर ऐसे मौकों पर बस इतना कहते हैं — याद रखना भी एक ज़िम्मेदारी होती है। पेंशन में बढ़ोतरी से उनके लिए थोड़ा सहारा और थोड़ा सम्मान, दोनों का एहसास आता है। इस घोषणा ने एक बार फिर बताया कि सरकारी फैसले कभी-कभी सिर्फ़ आँकड़े नहीं होते, वे यादों का हिसाब भी होते हैं।
