गुलाब शकरी: 3 दिन का मीठा सब्र
जौहरी बाजार के घी वालों के रास्ते पर 100 साल पुराना एक मिष्ठान भंडार है, जहां गुलाब शकरी सिर्फ मिठाई नहीं, जयपुर की पुरानी पहचान का हिस्सा बन चुकी है। इस मिठास में दूध, मावा, केसर और गुलाब के फूल मिलते हैं, और फिर सब्र की सबसे बड़ी परीक्षा शुरू होती है — इसे जमने और पकने में 40 घंटे से लेकर 3 दिन तक लग जाते हैं। यानी यहां मिठास को जल्दी नहीं, ध्यान से पकाया जाता है। 1917 से चल रही इस विधि की वजह से लोग आज भी उतनी ही उत्सुकता से आते हैं। 1000 रुपये किलो सुनकर भी जो मुस्कान बनती है, वही जयपुर का असली स्वाद है — थोड़ा महंगा, पर याद रह जाने वाला।
