हादी रानी: हिम्मत और फ़र्ज़ की अमर कहानी
हादी रानी राजस्थान की राजपूत परंपरा में हिम्मत, निष्ठा और बलिदान का नाम हैं। जोधपुर–मेवाड़ के इतिहास से जुड़ी इस लोककथा में उनका ज़िक्र एक ऐसी रानी के रूप में होता है जो अपने जीवन से भी बड़े फ़र्ज़ को चुन लेती हैं। कथा के अनुसार, जब युद्ध का समय आया और पति को रणभूमि के लिए निकलना था, तब हादी रानी ने अपने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखा। म्हारे राजस्थान में ऐसी बात लोग आज भी आदर से सुनते हैं। उनकी कहानी का असली महत्व किसी एक घटना में नहीं, बल्कि उस सोच में है जो बताती है: राजपूताना की स्त्री सिर्फ़ घर की नहीं, इतिहास की भी धड़कन थी।
