Jaipur Live
← Feed
पिंक सिटी डायरीज़Pink City Diaries

हवा महल के नीचे हवा का सूखा सुकून

Hawa Mahal ke neeche hawa ka sookha sukoon

हवा महल के सामने ज़्यादा देर तक देखो, तो पहले उसकी लाल बलुआ पत्थर की जाली नज़र आती है, फिर उसके भीतर से आती हल्की हवा। नीचे बड़ी चौपड़ और बाज़ार की आवाज़ चलती रहती है — हॉर्न, साइकिल, चाय वाले की पुकार — पर यहाँ एक पल को सब धीमा पड़ जाता है। यही वह जगह है जहाँ झरोखों का काम सिर्फ देखने का नहीं, महसूस करने का भी है। छोटी खिड़कियों से गुजरती हवा छत की दीवार तक चढ़ जाती है और चेहरे पर ठंडक छोड़ देती है। घणी सच्ची बात, जयपुर की गर्मी में यह ठंडी छुअन याद रह जाती है। इसलिए लोग आते हैं, फोटो के लिए नहीं, उस एक चुप-चाप साँस के लिए जो हवा महल के नीचे मिलती है।