हुमा क़ुरैशी ने जयपुर को फ़िल्म का और रंग दिया
जयपुर में फ़िल्म प्रचार का माहौल हमेशा थोड़ा अपना-सा लगता है, और इस बार हुमा क़ुरैशी ने उसी माहौल को और भी जीवंत बना दिया। 'Baby Do Die Do' के प्रचार के दौरान उन्होंने फ़िल्म को एक्शन, सस्पेंस और रोमांच से भरी बताया। यह सुनकर लगा कि यह फ़िल्म सिर्फ़ एक और प्रदर्शन नहीं, बल्कि ऐसी यात्रा है जो धड़कन को थोड़ा तेज़ कर देती है। स्थानीय मिज़ाज भी कुछ ऐसा ही है—जयपुर के लोगों को ऐसी कहानियाँ पसंद आती हैं जो सीधी रेखा में न चलकर थोड़ा मोड़ लें। हुमा की बात का सीधा मतलब यही था: फ़िल्म में ऐसा मसाला है जो बीच में छोड़ता नहीं। उनका अंदाज़ भी बिल्कुल सहज था, जैसे कोई मित्र कह रहा हो कि यह फ़िल्म समय काटने वाली नहीं, पूरी ध्यान माँगती है। और सचमुच, ऐसी ही फ़िल्मों का मज़ा आता है जो अंत तक पकड़े रखें।
