आईसीयू में एक मां की बस एक ही बात
एसएमएस अस्पताल के आईसीयू में कलाशी का बिस्तर देखकर लगता है जैसे जिंदगी ने एक ही पल में सब कुछ उलट दिया हो। दोनों पैरों में स्टील की रॉड और स्क्रू लगे हैं, एक हाथ टूट चुका है, और पट्टी के किनारे से रिसता लहू उसकी तकलीफ को और साफ दिखा रहा था। जब हाल पूछा गया, तो वह मुश्किल से आंख खोल पाई और बस इतना ही बोल सकी — बहुत दर्द है। यह सिर्फ शरीर का दर्द नहीं, उस मां का भी दर्द है जिसने एक ही हादसे में अपना पूरा परिवार खो दिया। आईसीयू की ठंडी रोशनी, मशीन की हल्की आवाज, और बिस्तर के पास का सन्नाटा — सब मिलकर एक ऐसा दृश्य बना रहे थे जिसे भूलना मुश्किल है। कभी-कभी शहर की सबसे बड़ी खबर किसी हेडलाइन में नहीं, किसी कमजोर-सी सांस में छुपी होती है।
