इंडिया-फ्रांस की दोस्ती अब नई रफ्तार पर
नाइस में हुई बात-चीत सिर्फ एक मीटिंग नहीं, बल्कि एक नई सोच का सिग्नल थी। इंडिया और फ्रांस ने अपनी स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को और गहरा करते हुए इनोवेशन रोडमैप 2030, एआई वर्किंग ग्रुप और ट्रेड बढ़ाने के लिए हाई-लेवल मैकेनिज्म पर हां भरी। इसका मतलब सिंपल है: अब दोस्ती का फायदा सिर्फ फाइल में नहीं, फैक्ट्री, लैब और क्लासरूम में दिखना चाहिए। एक तरफ यूपीआई के फ्रांस में और यूज़ की पॉसिबिलिटीज खुली, दूसरी तरफ कानपुर में एरोनॉटिक्स स्किलिंग का सेंटर और पेरिस के स्टार्टअप कैंपस में नए इंडियन स्टार्टअप्स को जगह मिली। स्पेस, सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और रेलवे जैसे सेक्टर्स भी लिस्ट में रहे। जैसे एक कॉमन लाइन में कहा जा सकता है, अब बात सिर्फ एग्रीमेंट की नहीं, काम की स्पीड की है। ये पार्टनरशिप तब और मीनिंगफुल लगेगी जब स्टूडेंट्स, इनोवेटर्स और छोटे बिज़नेस इससे सीधा फायदा उठाएं।
