इंडिया-यूके एफटीए से नौकरियों और अर्थव्यवस्था को नया सहारा
इंडिया-यूके मुक्त व्यापार समझौते को अगर संख्या के हिसाब से देखो, तो बात काफी सीधी लगती है। निर्यात को नया रास्ता मिलता है, कुछ जगह आयात शुल्क का बोझ कम होता है, और व्यवसायों को योजना बनाने में राहत मिलती है। इसी वजह से केंद्रीय मंत्री ने इस समझौते को नौकरियों और वृद्धि के लिए अहम बताया। जयपुर जैसे शहरों में, जहाँ हस्तशिल्प, वस्त्र और लघु विनिर्माण का अपना दम है, ऐसा समझौता आपूर्ति शृंखला को और सुगम बना सकता है। एक स्थानीय व्यापारी की भाषा में कहें, तो घणो फर्क तब दिखेगा जब ऑर्डर बढ़ें और लागत थोड़ी संभले। अब सबकी नज़र इस पर रहेगी कि किस क्षेत्र को कितना सीधा लाभ मिलता है।
