जयपुर के समोड बाग में शाही शादी का रंग
समोड बाग, जो 250 साल पुराना उद्यान-आवास है, उसकी खुली लॉन ने इस निजी जयपुर विवाह को एक अलग ही रंग दिया। यहाँ दक्षिण भारतीय परंपराएँ और राजस्थान की हस्तशिल्प विरासत एक साथ नज़र आईं — यानी एक तरफ़ साफ़-सुथरी रिवायत, दूसरी तरफ़ हाथ से बना सजावटी काम और शाही एहसास। मैसूर पैलेस से प्रेरित सजावट ने स्थान को भव्य बनाया, लेकिन माहौल फिर भी आत्मीय और निजी बना रहा। जो बात सबसे ज़्यादा याद रह गई, वह थी घर की रेसिपी का स्पर्श। विवाह-भोज में वह स्वाद था जो सिर्फ़ चमकदार व्यवस्था से नहीं, घर की याद से आता है। जैसे कोई मेहमान कह दे, सब कुछ अच्छा है, पर असली बात तो उस एक निवाले में है। इसी मेल ने इस शादी को सिर्फ़ गंतव्य आयोजन नहीं, बल्कि संस्कृति का छोटा-सा उत्सव बना दिया।
