जयपुर की पुरानी कैमरा वाली दुनिया फिर चर्चा में
जयपुर में एक 150 साल पुराना कैमरा देखकर लगता है कि शहर ने अपनी याद को संभालकर रखा है। गुलाबी दीवारों और हवेली वाली गलियों के बीच यह कैमरा आज भी लोगों को खींच लेता है, और फिल्म जगत के लोग भी इसके सामने रुककर देखते रह जाते हैं। इसकी बात सिर्फ पुरानी तकनीक की नहीं है, बल्कि उस एहसास की है जो यह जगाता है — कि इतिहास संग्रहालय की अलमारी में बंद चीज नहीं, बल्कि रोज़मर्रा के जीवन में साँस लेती हुई चीज भी हो सकती है। यहाँ एक ऐसा दृश्य बनता है जहाँ कैमरा खुद सितारा बन जाता है। जयपुर का यही तो आकर्षण है: एक तरफ राजसी रंग, दूसरी तरफ पुराना-सा सामान जो आज भी नया लगता है। घणी सच्ची बात, इस शहर में विरासत सिर्फ देखने की चीज नहीं, महसूस करने की चीज है।
