जयपुर की रंग-भरी कला नाइस तक पहुंची
नाइस के भारत इनोवेट्स कॉन्क्लेव में एक अलग ही सीन था: फ्रेंच कलाकारों ने जयपुर से जो रंग, रोशनी और नक्ष देखकर काम किया, वो सीधा एग्ज़िबिशन के वॉल्स पर उतर आया। एक पेंटिंग में जयपुर की पहचान वाले लाल, पीले और नारंगी रंग दिख रहे थे; दूसरी में एक बड़े पेड़ के नीचे बैठी गणेश जी की छवि नजर आई। ये सिर्फ आर्ट डिस्प्ले नहीं था, बल्कि इंडिया-फ्रांस कल्चरल ब्रिज का एक नया सिग्नल था। इसी विज़िट के दौरान दोनों नेताओं ने इनोवेशन, एआई, डिफेंस, एजुकेशन और ट्रेड पर भी बात आगे बढ़ाई। मतलब एक तरफ कैनवास पर जयपुर, दूसरी तरफ टेबल पर फ्यूचर की प्लानिंग। बात का मज़ा यही था कि आर्ट ने फॉर्मल मीटिंग को थोड़ा सा हल्का और ज्यादा यादगार बना दिया — जैसे कोई कह रहा हो, रिलेशनशिप सिर्फ फाइल्स से नहीं, रंगों से भी बनती है। घणी सच्ची बात।
