जयपुर की थाली फिर दुनिया की सूची में चमकी
जयपुर की खास बात यह है कि यहां स्ट्रीट फूड सिर्फ पेट भरने का काम नहीं करता, पूरी शहर की आदत दिखाता है। कचौरी, प्याज़ के पकौड़े, गोलगप्पे, कुल्हड़ वाली चाय — हर मोहल्ले में कोई न कोई छोटा सा कोना ऐसा मिल ही जाता है जहां लोग कतार लगाकर खड़े हो जाते हैं। Time Out की 2026 सूची में जयपुर का आना इसी रोज़मर्रा की रसोई का वैश्विक सम्मान जैसा है। मुंबई और नई दिल्ली के साथ जयपुर का नाम आना बताता है कि भारत का स्वाद सिर्फ रेस्तरां तक सीमित नहीं, छत के नीचे, ठेले पर, और गली के मोड़ पर भी ज़िंदा है। एक स्थानीय-सा एहसास यही है — सही स्वाद को स्टार नहीं, भीड़ मिलती है। और जयपुर को भीड़ तो घणी मिलती है।
