जयपुर में ब्राइब का सीन, और सिस्टम पर सवाल
जयपुर में जो सीन बना, वो सिर्फ एक ब्राइब केस नहीं था; वो पूरे पुलिस सिस्टम की थकी हुई इमेज का मिरर था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बेंगलुरु के 3 पुलिस स्टाफ राजस्थान में पैसा लेते हुए पकड़े गए, और उसके बाद सस्पेंशन की एक्शन आई। होम मिनिस्टर ने सीधा बोला कि सिस्टम रस्टेड है — मतलब प्रॉब्लम एक-दो जगह की नहीं, आदत सी बन चुकी है। यहीं से बात और बड़ी हो जाती है। जब प्रोटेक्शन देने वाले ही पैसा मांगने के रंग में दिखने लगें, तो आम आदमी का भरोसा हिलता है। मिनिस्टर ने कंप्लेंट मैकेनिज्म और टॉप-लेवल चेकिंग की बात भी की। दूसरी तरफ, ओपोज़िशन ने डिपार्टमेंट की गिरती इमेज पर ताना मारा। असली टेस्ट अब ये है कि एक्शन सिर्फ हेडलाइन तक सिमटे या डेली पुलिसिंग में सच्ची सफाई दिखे। घणी देर से सही, पर सिस्टम को अब रस्ट से निकालना ही पड़ेगा।
