जयपुर में BRICS का हिसाब: MSME को राहत की बात
जयपुर में हुई 16वीं BRICS व्यापार मंत्रियों की बैठक ने छोटे कारोबार की मुश्किल को सीधे मेज़ पर रख दिया। वैश्विक व्यापार वित्त अंतर 2.5 ट्रिलियन डॉलर का है, और इसका मतलब सीधा है: बहुत से MSME को काम बढ़ाने, माल भेजने और नया ऑर्डर पाने के लिए समय पर पैसा नहीं मिल पाता। बैठक में Jaipur Consensus, MSME के लिए Guiding Principles और GVC पर बात आगे बढ़ी। इस दौरान खाद्य और आजीविका सुरक्षा का भी ज़िक्र रहा, साथ ही विकासशील देशों के लिए Special and Differential Treatment बनाए रखने की बात हुई। जयपुर के हिसाब से यह सिर्फ कागज़ का मामला नहीं, बल्कि बाज़ार की रोटी और छोटी दुकान की चलती रहने वाली कहानी है। यहाँ एक सच्ची बात यही है — नीति की भाषा तब काम आती है जब उसका असर उधर, कारखानों और घणी मेहनत करने वाले लोगों तक पहुँचे। और इसी कड़ी पर सबकी नज़र है।
