जयपुर में कूड़ा थमा, हड़ताल का असर चौथे दिन भी
जयपुर में सफाई का निज़ाम चौथे दिन भी ठीक से चल नहीं पाया। वाल्मीकि सफाई कर्मियों की हड़ताल के चलते कई इलाकों में कचरे के ढेर नज़र आने लगे, और सुबह की सफाई वाली रौनक भी फीकी पड़ गई। गलियों, चौराहों और बाज़ार के कोने-कोने में जो रोज़ का काम चुपचाप होता है, वह अब सबको साफ़ दिख रहा है। मुद्दा सिर्फ़ इतना नहीं कि कूड़ा उठ नहीं रहा; बात इस पर अटकी है कि बातचीत अभी तक नतीजे तक नहीं पहुँची। राज्य सरकार और संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के बीच हुई चर्चा से गतिरोध नहीं टूटा। एक तरफ़ शहर की साँस फूली हुई है, दूसरी तरफ़ सफाई का पूरा धागा उलझ गया है। ऐसे में हर मोहल्ले का सवाल बस एक ही है: रोज़ की सफाई कब सामान्य होगी?
