जयपुर में निकाय-पंचायत पर घणी चर्चा
पीसीसी में दूसरे दिन का दृश्य काफ़ी सीधा, पर घणा अहम था। जयपुर में 27 जिलों के नेता इकट्ठा हुए और निकाय-पंचायत चुनाव को लेकर खुलकर बात हुई। ऐसे मौकों पर छोटी-छोटी राय भी बड़े संकेत दे जाती है, क्योंकि गाँव से शहर तक स्थानीय राजनीति इसी से साँस लेती है। कमरे के भीतर एक तरह से सब अपनी ज़मीन की बात रख रहे थे — कहीं वार्ड की तैयारी, कहीं बूथ की हलचल, कहीं ज़मीनी समस्याओं का ज़िक्र। एक नेता का साफ़ असर था: पहले सुनो, फिर सीधा फैसला करो। इसी बात ने बैठक को सिर्फ़ औपचारिक मुलाक़ात नहीं, बल्कि आगे की रणनीति का इशारा बना दिया। अब सबकी नज़र इस पर है कि यह चर्चा कहाँ तक पहुँचती है और अगला कदम किस रूप में आता है।
