जयपुर में युवाओं ने संसद का रंग दिखाया
जयपुर में 3rd National Youth Parliament का दृश्य सचमुच अलग था। जयपुर नगर निगम के सभागार में 25 राज्यों से आए युवाओं ने संसदीय बहस का रंग जमाया, जहाँ बोलने से ज़्यादा सुनना, समझना और अपनी बात को साफ़ रखना भी उतना ही ज़रूरी था। ऐसे कार्यक्रम का असली लाभ यही होता है कि स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई से आगे निकलकर युवा सार्वजनिक जीवन का तरीका समझते हैं। जयपुर जैसे शहर में, जहाँ बात-बात पर चर्चा का अपना ही अंदाज़ है, ऐसा वातावरण स्वाभाविक लगता है। दीया कुमारी की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और ध्यान दिया, और एक छोटी-सी बात सबने महसूस की — नई पीढ़ी सिर्फ सुन नहीं रही, बोल भी रही है। घणी सच्ची बात है, क्योंकि आज का युवा कल की सोच तय करता है.
