जयपुर नगर निगम में 50,000 की रिश्वत पर ACB का जाल
जयपुर नगर निगम के हवा महल-अमेर ज़ोन में पट्टा शाखा का काम एक बार फिर व्यवस्था की धीमी चाल पर सवाल खड़ा कर गया। शिकायत के मुताबिक, एक लीज़ विलेख पिता के नाम पर लंबित थी और फ़ाइल को आगे बढ़ाने के लिए लगातार चक्कर लगवाने पड़े। इसी बीच 2 लाख रुपये की माँग का आरोप सामने आया। ACB ने पहले शिकायत की पुष्टि की, फिर जयपुर नगर निगम में जाल बिछाया। गुरुवार दोपहर शिकायतकर्ता को 50,000 रुपये की पहली किश्त के साथ भेजा गया। जैसे ही पैसा लिया गया, टीम ने कार्रवाई कर दी। यह मामला सिर्फ एक कार्यालय की बात नहीं लगता; यह उस पुराने दर्द को दिखाता है जहाँ आम आदमी एक साधारण काम के लिए भी लाइन, फ़ाइल और दबाव के बीच फँस जाता है। सवाल वही है: पट्टा जैसी बुनियादी चीज़ इतनी मुश्किल क्यों बन जाती है?
