जयपुर पोलो ग्राउंड पर स्टे नहीं, अब मुद्दा टर्फ का
जयपुर पोलो ग्राउंड का 15.20 एकड़ हिस्सा रेस कोर्स क्षेत्र में आता है, और इसी जगह पर अब कानूनी गिनती चल रही है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा कि जब केंद्र कब्ज़ा ले चुका है, तो स्थगन आदेश देना कठिन है। भारतीय पोलो संघ ने अपील के दौरान टर्फ की खुदाई पर चिंता उठाई थी, और वही बिंदु अब मामले का केंद्र बना हुआ है। सीधी बात यह है: कब्ज़ा और स्थगन दो अलग चीज़ें होती हैं। यदि कब्ज़ा पहले हो चुका हो, तो अदालत का रुकने वाला आदेश उतना सीधा नहीं बनता। इसलिए अब मुद्दा केवल मैदान का नहीं, उसके उपयोग और उस पर चल रही खुदाई का भी है। जयपुर वालों के लिए यह एक और याद दिलाने वाली बात है कि शहर के पुराने खुले स्थानों पर फैसले कभी-कभी खेल से ज़्यादा कागज़ और क़ानून से तय होते हैं। बस अब सबकी नज़र अगले सुनवाई नोट पर है।
