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जयपुर ट्रिब्यूनल पर 2 हफ्तों की डेडलाइन, जिम्मेदारी भी व्यक्तिगत

Jaipur Tribunal par 2 hafton ki deadline, zimmedari bhi personal

जयपुर के अवैध निर्माण से जुड़ी अपीलों वाले मामले में अब अदालत ने सीधी समय-सीमा तय कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीठासीन अधिकारी खुद व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार और जवाबदेह रहेंगे, और जेडीए के वकील को आदेश तुरंत उन तक पहुंचाने को कहा। मतलब बात सिर्फ फाइल आगे बढ़ाने की नहीं, बल्कि समयबद्ध निपटारे की है। इस मामले ने जयपुर की एक पुरानी नागरिक समस्या फिर सामने ला दी है: बिना पूरी सुनवाई के लटकती अपीलें, और उसके साथ शहर में अनियमित निर्माण का सिलसिला। अदालत का संकेत साफ है — अब टालमटोल की गुंजाइश कम है। दो हफ्तों की समय-सीमा और सीधी जवाबदेही, दोनों मिलकर व्यवस्था पर दबाव बढ़ाते हैं। जयपुर के लिए यह सिर्फ एक आदेश नहीं, बल्कि यह याद दिलाने वाली बात है कि कानूनी कागज तभी काम के होते हैं जब उन पर समय पर कार्रवाई हो।

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