Jaipur Live
← Feed
लोक फाइल्सLok Files

जैसलमेर का पट्टू: शीशों वाली शॉल की रोशनी

Jaisalmer ka Pattu: mirrori shawl ki roshni

जैसलमेर के गाँवों में पट्टू कढ़ाई सिर्फ सिलाई नहीं, याद और इज़्ज़त का काम है। औरतें ऊन और रेशम के कपड़े पर धागे से फूल, लहर और ज्यामितीय नक़्श बनाती हैं, फिर उनमें छोटे दर्पण जड़ देती हैं। धूप पड़ते ही शॉल ऐसे जगमगाते हैं जैसे रेत पर पानी चमक गया हो। यह काम अक्सर दहेज के लिए बनने वाली रजाइयों और ओढ़नी पर होता था, ताकि बेटी के साथ घर की मेहनत भी चले। म्हारे जैसलमेर में इसे पट्टू या दर्पण-टाँका का रंग कहा जाता है। हर टुकड़े में हाथ की सफ़ाई और सब्र दिखता है। सच्ची बात, इस कला में सोना नहीं, रोशनी बसती है।