जर्जर स्कूल इमारतों पर अब गिराने का आदेश
राजस्थान में स्कूल भवनों की सुरक्षा अब कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर जांची जाएगी। शिक्षा विभाग ने जिला स्तर के अधिकारियों को ऐसे स्कूल ढाँचों को गिराने का निर्देश दिया है जो बहुत ज़्यादा झुके हुए, दरारों वाले या खतरे के योग्य हो चुके हैं। इसका मतलब सीधा है: जहाँ मरम्मत से काम नहीं चलेगा, वहाँ ध्वस्तीकरण होगा। यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बरसात के दिनों में पुरानी इमारत का जोखिम और बढ़ जाता है। स्कूल परिसर में एक ही कमज़ोर दीवार पूरे दिन की चिंता बन सकती है। अब अधिकारियों को सर्वे, चिह्नांकन और कार्रवाई की शृंखला तेज करनी होगी, ताकि बच्चों और कर्मचारियों के लिए जगह सुरक्षित रहे। एक स्कूल अधिकारी की सीधी बात यही होगी: पहले बच्चे, बाद में कागज़ी काम। घणी सच्ची बात है, सुरक्षा का हिसाब अब टालने वाला नहीं रहा।
