जंतर मंतर पर फिर धरना, पर्मिशन का सवाल
जंतर मंतर पर 20 जून को दूसरा प्रोटेस्ट रखने की बात हुई है, और पूरी कहानी का सेंटर एक ही चीज़ है: पर्मिशन। दिल्ली पुलिस ने पहले कुछ कंडीशन्स रखी थीं, फिर फॉर्मल प्रोसेस के लिए डिटेल्स मांगी गई। टीम का कहना है कि वह दिन भर पुलिस स्टेशन में फॉर्मैलिटीज़ पूरी करते रहे और प्रोटेस्ट प्लान की सब जानकारी जमा कर दी। ये सीन नया नहीं लगता। दिल्ली में धरना हो या रैली, पेपरवर्क ही पहला मैदान बन जाता है। एक तरफ लोग अपनी बात रखना चाहते हैं, दूसरी तरफ ट्रैफिक, भीड़ और सिस्टम का हिसाब। इसी बीच जंतर मंतर फिर से डिस्कशन का पॉइंट बन गया है। म्हारे शहर के रीडर्स के लिए भी ये एक फैमिलियर सा सिविक ड्रामा है: पर्मिशन, कंडीशन्स, और फिर इंतज़ार। बस अब सबकी नज़र उस फाइनल जवाब पर है जो डिसाइड करेगा कि 20 जून का प्लान खुले मैदान में आगे बढ़ेगा या नहीं.
