झालावाड़ में एक ही बार में चार खुशियां
झालावाड़ के हीरा कुंवर बा महिला अस्पताल में एक दुर्लभ मामला सबको रुककर देखने पर मजबूर कर गया। एक ही प्रसव में तीन बेटियां और एक बेटा आना, वह भी राजस्थान जैसे बड़े राज्य में, सच्ची में बहुत कम देखने को मिलता है। अस्पताल के लोगों के लिए यह पल रोज़मर्रा से बिल्कुल अलग था — एक तरफ नई ज़िंदगी की खुशी, दूसरी तरफ सावधानी भरी देखभाल की ज़िम्मेदारी। ऐसे मामलों में एक-एक शिशु की निगरानी, दूध पिलाने और स्वास्थ्य-लाभ पर अलग ध्यान देना पड़ता है, क्योंकि चारों की ज़रूरत एक जैसी नहीं होती। कमरे के अंदर जो खामोश-सी भागदौड़ थी, उसमें एक ही बात बार-बार सुनाई देती होगी — घणी मेहनत के बाद चार छोटी धड़कनें साथ आ गईं। अब सबकी नज़र बच्चों के स्वास्थ्य पर है, और यही इस कहानी का सबसे अहम हिस्सा है।
