जोधपुर में 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, जांच
पाोटा जिला अस्पताल, जोधपुर से आई यह खबर घणी चिंता वाली है। सिज़ेरियन प्रसव के बाद 8 महिलाओं को दिक्कत हुई, जिनमें 2 को आईसीयू तक ले जाना पड़ा। यह कोई एक अलग घटना नहीं लगती, क्योंकि इससे पहले कोटा और बीकानेर में भी प्रसव के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले सामने आ चुके हैं। असल सवाल अस्पताल की निगरानी और प्रसव-उपरांत देखभाल का है। प्रसव के बाद माँ को बस वार्ड में रख देना काफ़ी नहीं होता; निगरानी, सफ़ाई, दवा और समय पर प्रतिक्रिया सब एक साथ चलना चाहिए। इसी वजह से उच्च-स्तरीय जांच का आदेश आया है। अब सबकी नज़र इसी पर है कि व्यवस्था में कहाँ ढिलाई हुई — क्योंकि जब एक ही राज्य में बार-बार ऐसे मामले आएँ, तो बात एक मरीज की नहीं, पूरी स्वास्थ्य-व्यवस्था की हो जाती है। समझे?
