जोधपुर में प्रसव के बाद सेहत का मसला फिर गहराया
जोधपुर में प्रसव के बाद सेहत की परेशानी रुकने का नाम नहीं ले रही। पिछले दो दिन में पाँच और महिलाओं की तबियत काफ़ी बिगड़ी, और यह सिलसिला एक अलग ही चिंता बन गया है। बच्चे के जन्म के बाद माँ की देखभाल वैसे ही नाज़ुक होती है, और जब एक के बाद एक मामले सामने आते हैं, तो अस्पताल की बेड और परिवार की चिंता दोनों बढ़ जाती हैं। यहाँ बात सिर्फ़ एक मामले की नहीं, पूरे पैटर्न की है। प्रसव के बाद जो घणी निगरानी और इलाज मिलना चाहिए, उसमें देर हो तो बात सीधे सेहत पर आती है। स्थानीय स्तर पर लोग यही कह रहे हैं — पधारो तो ठीक, पर माँ को छुट्टी के बाद भी संभालना पड़ता है। इसलिए यह मामला सिर्फ़ चिकित्सकीय फ़ाइल का नहीं, घर की रोज़ की ज़िम्मेदारी का भी है। घणी सच्ची बात, प्रसवोत्तर देखभाल को सामान्य समझकर छोड़ देना अब महँगा पड़ रहा है।
