करणी माता: देसणोक की योद्धा-संत
करणी माता पश्चिमी राजस्थान की वह संत और योद्धा थीं जिनकी बात सिर्फ भक्ति तक सीमित नहीं रही। लोककथाओं में उन्हें राठौड़ शक्ति का सहारा माना गया — राव जोधा और राव बीका से जुड़ी कथाओं में भी उनका नाम आता है, और जोधपुर, बीकानेर की बुनियाद के साथ उनकी याद जोड़ी जाती है। देसणोक का करणी माता मंदिर इसी विरासत का सबसे अलग रूप है। यहाँ मंदिर और उसके आसपास की ओरान ज़मीन को जीव-दया का क्षेत्र माना जाता है; किसी प्राणी को नुकसान पहुँचाना मना है। सबसे खास बात, यहाँ चूहे पवित्र माने जाते हैं, इसलिए दर्शन का अनुभव भी अलग लगता है। म्हारे मारवाड़ में ऐसी श्रद्धा सिर्फ मंदिर नहीं, जीवन-रफ़्तार का हिस्सा है।
