किशनपोले की मीनाकारी, हाथ से चमकती कला
किशनपोले के पुराने कारखाने में पतली चादर, छोटी कूची और गरम भट्टी एक साथ चलती है। यहीं मीनाकारी का काम होता है—धातु पर चटक रंग, फूल-पत्ती, बेल और बारीक नक़्श। जेवर का डिब्बा हो, आभूषण हो या सजावटी चीज़, पहले आकार बनता है, फिर डिज़ाइन, और आखिर में भट्टी से रंग जमाया जाता है। यहाँ का काम पारिवारिक है। कोई तार पकड़ता है, कोई रंग मिलाता है, कोई अंतिम सफाई करता है। एक उस्ताद ने बताया कि सबसे मुश्किल लाल रंग को साफ और एक जैसा रखना होता है; जरा सी जल्दी हुई तो चमक बिगड़ जाती है। घणी मेहनत, पर नतीजा ऐसा कि बाज़ार में चीज़ हाथ से छूटे नहीं। किशनपोले की यही सच्ची पहचान है।
