लूनी के रास्ते पर पकड़, पीडब्ल्यूडी से सवाल
लूनी के फ्लो एरिया में रोड बना देने पर कोर्ट ने सीधा सवाल उठा दिया: जब नदी का अपना रास्ता है, तो उस पर पक्का काम कैसे हो गया? ये सिर्फ एक रोड का मामला नहीं, बल्कि शहर और गाँव के बीच कनेक्टिविटी बनाते वक्त ज़मीन की मर्यादा समझने का मामला है。 कोर्ट का पॉइंट सिंपल था — रिवर लैंड को प्रोजेक्ट के नाम पर बदला नहीं जा सकता। इससे लोकल लोगों की वह बात भी याद आती है जो अक्सर चाय की थड़ी पर सुनने को मिलती है: डेवलपमेंट ज़रूर हो, पर पानी के रास्ते को छेड़ के नहीं। अब पीडब्ल्यूडी के जवाब पर फोकस है, क्योंकि वही बताएगा कि प्लानिंग में चूक कहाँ हुई और आगे ऐसे काम कैसे संभाले जाएंगे।
