मारवाड़ी वर्ड ऑफ द डे: बान्थ
जयपुर की गली हो या गाँव का हाट, कभी-कभी बात सीधी नहीं, बोझा बन जाती है। आज का मारवाड़ी-मुक्ति वर्ड है बान्थ — मतलब बोझा, हेवी लोड, या सूद जैसी भारी चीज़। यूसेज सिंपल है: जब कोई काम या जिम्मेदारी कंधे पर ज़्यादा आ जाए, तब बोलते हैं, "म्हारे ऊपर इतना बान्थ मत रखो." इसमें एक अलग मारवाड़ी फील है — सीधा, सच्ची, और थोड़ा सा नुकसान भी समझा देता है। बान्थ सिर्फ वज़न नहीं, रिस्पॉन्सिबिलिटी का प्रेशर भी दिखाता है। कसम से, ऐसे छोटे शब्द ही भाषा को ज़िंदा रखते हैं।
