एमएलए की बहसें ऑनलाइन डालने का प्लान, future leaders के लिए
जयपुर में विधानसभा को सिर्फ कागज और कानून की जगह नहीं, एक पाठशाला की तरह देखने की बात फिर सामने आई। Om Birla ने यह सोच रखी कि एमएलए की बहसों को ऑनलाइन अपलोड किया जाए, ताकि छात्र और नए नेता देख सकें कि विचार कैसे रखे जाते हैं, कैसे जवाब दिया जाता है, और कैसे बात को मर्जी से नहीं, तरीके से आगे बढ़ाया जाता है। इसमें एक सीधा सा स्थानीय भाव है: जो चीज आज विधानसभा में होती है, कल कक्षा और सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन सकती है। जयपुर जैसे शहर में, जहां लोग चाय के साथ राजनीति भी चखते हैं, ऐसी रिकॉर्डिंग भविष्य के नेताओं के लिए संदर्भ बन सकती है। सुनने में सरल लगता है, पर काम घणो अर्थपूर्ण है — क्योंकि यह सिर्फ बहस नहीं, लोकतंत्र की ट्रेनिंग है। और सबसे दिलचस्प सवाल यही है कि पहली ऑनलाइन बहस कौन सी होगी।
