एमएसएमई के लिए राजस्थान में नए कदम
अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर राजस्थान ने छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए अपनी तैयारी का संकेत दिया। सरकार ने ऐसे उपाय बताए जो पंजीकरण से लेकर वित्त, प्रशिक्षण और बाजार-सम्पर्क तक मदद बढ़ा सकते हैं। इसका मतलब सीधा है: जो धंधा अब तक कागजी काम, पूंजी और ग्राहक के बीच अटका था, उसके लिए रास्ता थोड़ा साफ करने की कोशिश। जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसे कदम का असर सीधे दिख सकता है, क्योंकि एमएसएमई ही रोज़गार और स्थानीय आपूर्ति-श्रृंखला का बड़ा सहारा होते हैं। एक सरकारी अफसर की तरह नहीं, सीधी बात में देखें तो संदेश यही था: छोटा उद्यम छोटा नहीं होता, बस उसे थोड़ा सही धक्का चाहिए। इसी धक्के के ब्यौरे अब सबकी नज़र में हैं।
