नीलम के चक्कर में 1100 साल पुरानी मूर्ति गायब
मंदिर के भीतर जो मूर्ति थी, वह सिर्फ पत्थर या धातु का टुकड़ा नहीं, बल्कि सदियों की याद थी। पर जब किसी ने उसके भीतर नीलम और छिपा खज़ाना होने का भरोसा कर लिया, तब पूरा मामला लालच और अफ़वाह के बीच फँस गया। 1100 साल पुरानी लक्ष्मी-नारायण मूर्ति का उठा लिया जाना सिर्फ चोरी का मामला नहीं, बल्कि इस बात का भी संकेत है कि अंधविश्वास और जल्दी अमीर होने का खयाल कितना नुकसान कर सकता है। मंदिर के लोगों के लिए यह सीधा-सा दुख था — जो चीज़ पीढ़ियों से थी, वह एक पल में गायब। कहानी का सबसे भारी हिस्सा यह है कि क़ीमत मूर्ति की नहीं, सोच की लगी।
