Jaipur Live
← Feed

नीट के बाद जयपुर-सीकर का दर्द फिर उभरा

NEET ke baad Jaipur-Sikar ka dard phir ubhra

सीकर का कोचिंग हब वाला चेहरा एक बार फिर भारी पड़ गया। नीट यूजी का परिणाम आने के बाद 17 साल के छात्र ने अपनी जान दे दी। वह जयपुर ग्रामीण के रामपुरा डाबड़ी का रहने वाला था और पिछले दो साल से सीकर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। कहानी का सबसे सख्त पहलू यह है कि परीक्षा का एक अंक कभी-कभी सिर्फ स्कोर नहीं होता, घर की उम्मीद, हॉस्टल की थकान और रोज़ का दबाव सब एक साथ जोड़ देता है। यहाँ बच्चों के लिए पढ़ाई का माहौल भी होता है और तनाव का माहौल भी। परिणाम के बाद जो खामोशी आती है, वह कई बार शब्दों से ज़्यादा भारी होती है। सच्ची बात यह है कि ऐसे पलों में अंकों से पहले मन की हालत देखनी पड़ती है। इसी दर्द की गिनती कौन करे?