नीट पर फिर सवाल, कक्षा 12 के अंक का विचार
तमिलनाडु ने मेडिकल प्रवेश को लेकर फिर वही पुराना सवाल नए तरीके से रखा है: नीट रहे या कक्षा 12 के अंकों को ज़्यादा महत्व मिले। राज्य का कहना है कि स्कूल की पढ़ाई का जो मेहनत भरा सफर होता है, उसका भी कुछ असर प्रवेश में दिखना चाहिए। इसी के साथ उच्च शिक्षा के लिए 2,000 करोड़ रुपये की योजना भी सामने आई है, जिसमें प्रथम वर्ष के कॉलेज छात्रों के लिए लैपटॉप, छात्रावासों की बेहतर सुविधा, और मदुरै में विधि के उत्कृष्टता विद्यालय की स्थापना शामिल है। यानी बात सिर्फ परीक्षा की नहीं, पूरे छात्र जीवन की है — कक्षा, छात्रावास, लैपटॉप और परिसर, सब एक ही फ्रेम में। अब देखना यह है कि शिक्षा नीति का यह नया रुख कितना आगे बढ़ता है।
