एनएफएसए में करोड़ भर नए नाम, घर की रसोई को सहारा
राजस्थान में एनएफएसए का दायरा पिछले ढाई साल में काफ़ी फैला है। सरकारी हिसाब के मुताबिक 1,00,77,182 नए पात्र लोगों को इस योजना में शामिल किया गया है, जो लगभग 23 प्रतिशत बैठता है। इसका सीधा मतलब यह है कि राशन की दुकान से जुड़ने वाली वजह अब और घरों तक पहुँची है, खासकर उन परिवारों तक जिनके लिए महँगी सब्ज़ी और महीने का खर्च एक साथ सँभालना मुश्किल होता है। जयपुर की गलियों से गाँव की पंचायत तक, लोग अक्सर एक ही बात कहते मिलते हैं: सही दफ़्तर तक नाम पहुँच जाए, तो आधी चिंता कम हो जाती है। यह बदलाव सिर्फ़ संख्या का खेल नहीं, बल्कि घर की रसोई में आने वाली छोटी पर पक्की राहत का संकेत है।
