नीतीश से मुलाकात, सत्र से पहले बिहार की गर्मी
विधानसभा सत्र से पहले बिहार की राजनीति में एक जाना-पहचाना दृश्य फिर दिख गया। Samrat Choudhary ने X पर लिखा कि उनकी Nitish Kumar के साथ स्नेहपूर्ण भेंट हुई। बस, इतनी सी बात ने पटना की राजनीतिक हवा में हलचल पैदा कर दी, क्योंकि सत्र से ठीक पहले हुई मुलाकात को लोग सीधे संकेत की तरह पढ़ते हैं। अब बात मुलाकात की समय-सीमा से ज़्यादा उसके अर्थ पर जा रही है। सत्र के दिनों में ऐसी भेंटें अक्सर इसलिए चर्चा में आती हैं क्योंकि दलगत रेखाओं से ऊपर एक व्यावहारिक संदेश छुपा होता है — काम चलाना है, और सदन का माहौल ज़्यादा बिगड़ने न देना। पटना में लोग भी इसी तरह देख रहे हैं: भाई, यह बस औपचारिक मिलन था या आगे किसी समझौते की हल्की-सी दस्तक? फिलहाल जवाब सीधा नहीं, पर इस एक पोस्ट ने सत्र का शुरुआती दृश्य ज़रूर तय कर दिया.
