ओबीसी रिपोर्ट ने आरक्षण की घंटी फिर बजा दी
राजस्थान में स्थानीय राजनीति का अगला दौर अब कागज़ से निकलकर गिनती पर आ गया है। ओबीसी आयोग ने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों में आरक्षण को लेकर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री शर्मा को सौंप दी। इस रिपोर्ट की बुनियाद राज्यव्यापी सर्वे है, जो Rajdhara ऐप से 17 दिन चला और जिसमें ओबीसी परिवारों की लगभग 3.63 करोड़ गिनती निकली। यही वह संख्या है जो वार्ड आरक्षण, ज़िला-स्तरीय लॉटरी और आगे की चुनावी तैयारी पर सीधा असर डालेगी। सरकार का कहना है कि समय पर चुनाव और One State-One Election जैसे विचारों से काम तेज़ और खर्च कम हो सकता है। अब पंचायती राज और स्थानीय स्वशासन विभाग की तैयारी और तेज़ी से आगे बढ़ेगी, फिर राज्य निर्वाचन आयोग अपना कार्यक्रम जारी करेगा। घणी सच्ची बात, गाँव और शहर दोनों में इस बार कुर्सियों का हिसाब मोबाइल सर्वे से तय होना है।
