ऑक्सीटोसिन का मामला, माताओं की चिंता बढ़ी
राजस्थान में कुछ माताओं की अचानक मृत्यु के बाद एक इंजेक्शन पर सवाल खड़े हुए, और मामला अब सिर्फ एक शहर तक सिमटकर नहीं रहा। वार्ड की दीवार, बिस्तर की साफ-सफाई, और प्रसव के बाद का नाज़ुक समय — इन सबके बीच एक छोटी-सी दवा ने बड़ी चिंता पैदा कर दी। लोगों के मन में वही सीधा-सा सवाल उठा: जो चीज़ बच्चे के जन्म के बाद देखभाल के लिए दी जा रही थी, उसी पर इतनी बड़ी निगरानी क्यों? इसी घटना के बाद देश भर में इस दवा की आपूर्ति और उपयोग पर नज़र और सख्त हो गई। म्हारे जयपुर में भी अस्पताल की बातों में अब एक ही बात घूम रही है — माँ की सुरक्षा से बड़ा कोई नियमित काम नहीं होता।
