पढ़ाई ही बनेगी इंडिया की असली ताकत
जयपुर में प्राइवेट यूनिवर्सिटी के एजुकेशन समिट का माहौल बिलकुल क्लास-रूम जैसा था, बस स्केल थोड़ा बड़ा था। वहाँ गवर्नर ने सीधी बात रखी कि पढ़ाई सिर्फ डिग्री का खेल नहीं, बल्कि देश बनाने की बुनियाद है। उनका पॉइंट सिंपल था: जब बच्चों की सोच, समझ और नई चीज़ पकड़ने की क्षमता बढ़ेगी, तभी इंडिया ग्लोबल लेवल पर सच में आगे निकल सकता है. इस बात का मतलब भी जयपुर जैसे शहर में और क्लियर हो जाता है, जहाँ स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की धुन दिन भर चलती रहती है। समिट में जो सबसे इंपॉर्टेंट बात उभरी, वह थी इंटेलेक्चुअल कैपेबिलिटीज़ को बचपन से ही संभालना। यानी सिर्फ रट्टा नहीं, समझ भी। एक लाइन में कहे तो: पढ़ाई को मार्क्स से ज़्यादा माइंड-बिल्डिंग बनाना होगा. यही वह पॉइंट था जो सबके दिमाग में रह गया। क्योंकि आज की रेस में असली फायदा उसी को मिलेगा जिसके पास सोचने की आदत होगी.
