पंच बत्ती: जयपुर की रोज की मुलाकात
पंच बत्ती जयपुर का वह कोना है जहाँ दिन की रफ़्तार और लोगों की बात एक साथ चलती है। सुबह दफ्तर के लोग सीधे कदम से निकलते हैं, बाज़ार वाले थैली सँभालते हैं, और चाय के ठेले पर घणी भीड़ लग जाती है। सिग्नल के लाल-हरे पल में गाड़ियाँ रुकती हैं, और रुकते ही कोई पुराना जान-पहचान वाला मिल जाता है। फिर दो मिनट की बात कब लंबी हो जाती है, पता ही नहीं चलता। यही इस जगह की असली बात है: पंच बत्ती सिर्फ चौराहा नहीं, जयपुर का रोज का मिलन-स्थान है। भाई, यहाँ यातायात भी अपनी धुन में चलता है और लोग भी। कोई जल्दी में, कोई आराम से, पर सब इसी चौराहे पर किसी न किसी का इंतज़ार करते दिखते हैं.
