पंचना डैम का मसला 2 दशक बाद सुलझा
पंचना डैम का मामला करौली में लगभग दो दशक से अटका हुआ था, और अब उस पर एक व्यावहारिक कदम लिया गया है। सोमवार को कमांड क्षेत्र की नहरों में ट्रायल के तौर पर पानी छोड़ा गया, ताकि वितरण व्यवस्था को परखा जा सके। इसका मतलब सीधा है: पहले देखो कि पानी कहाँ तक पहुँचता है, फिर उसी हिसाब से आगे की योजना बनाओ। इसी के साथ लिफ्ट सिंचाई परियोजना की नींव रख दी गई, जो इस पूरे क्षेत्र के लिए एक और संकेत है। ऐसे प्रोजेक्ट का असली फायदा तब दिखता है जब खेतों तक पानी समय पर और ठीक हिसाब से पहुँचे। यहाँ लोगों की नज़र अब इस बात पर रहेगी कि ट्रायल के बाद व्यवस्था कितनी सहज चलती है। सच्ची बात यह है कि डैम का मसला सिर्फ एक संरचना का नहीं, पूरे इलाके की खेती और रोज़मर्रा की योजना का है।
