पंचना डैम का मुद्दा दो दशक बाद सुलझा
दो दशक तक पंचना डैम का मुद्दा कागज़ों और बातों में घूमता रहा, और गाँव के लोग बस यह देखते रहे कि पानी कब अपनी नाली तक पहुँचेगा। अब परीक्षण के तौर पर कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ा गया है, ताकि यह परखा जा सके कि व्यवस्था कहाँ तक ठीक चल रही है। इसके साथ लिफ्ट सिंचाई परियोजना की नींव भी रखी गई, जो उन इलाकों के लिए अहम मानी जा रही है जहाँ सीधा बहाव हर जगह काम नहीं करता। एक साधारण सी बात है, पर बड़ी: जब पानी का रास्ता साफ होता है, तो खेती का हिसाब भी बदलता है। लोगों की वही पुरानी बात फिर सुनी गई — बस अब कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर नतीजा दिखे। घणी देर बाद आई यह हरकत अब अगला इम्तिहान माँग रही है: बँटवारा, भरोसा और नियमित आपूर्ति।
